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संवैधानिक मर्यादा में मर्यादा पुरुषोत्तम क्या मंदिर निर्माण.अयोध्या में हिंदुओं की महान आस्था का प्रतीक श्री राम मंदिर निर्माण के लिए संवैधानिक मान्यता मिलने के उपरांत अब बहुत समय से प्रतीक्षित समय आ गया है।मीडिया सूत्रों के अनुसार भव्य और दिव्य राम मंदिर की पूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेवता भेजा जा चुका है।।अब  निर्णय पीएम मोदी को लेना है और इसके लिए  तिथि 3 अगस्त श्रावण पूर्णिमा या 5 अगस्त भाद्रपद द्वितीया हो सकती है।अनुमान लगाया जा रहा है कि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की पहली ईट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रख सकते हैं।नीव रखने से लेकर निर्माण पूर्ण होने तक का पुराना नक्शा अब बदल कर नए नक्शे का रूप ले चुका है।मंदिर निर्माण का कार्य एलएनटी और प्रसिद्ध आर्किटेक्ट चंद्रकांत को सौंपा गया है।आर्किटेक्ट चंद्रकांत के पिता ने प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर निर्माण कराया था।
अयोध्या राम मंदिर निर्माण योजना के मुख्य अंश निम्न वत हैरू.
’मंदिर निर्माण में 1 लाख 75 हजार वर्ग फीट पत्थरों की आवश्यकता है।इसके लिए 1990 से ही पत्थरों को तराशने का कार्य आचार्य गिरिराज किशोर और श्री अशोक सिंघल की देखरेख में प्रारंभ किया गया था जो अब तक निरंतर जारी है।अब तक लगभग 1 लाख वर्ग फीट पत्थरों की तरह स्नेह का कार्य पूरा हो चुका है।
’मंदिर निर्माण पूर्ण होने तक का अनुमानित समय लगभग 3 वर्ष है।जो भू तल से 60 फीट गहराई से प्रारंभ होगा और किसके लिए 3 के स्थान पर अब 5 गुंबद होंगे।नए नक्शे के अनुसार मंदिर की चौड़ाई और ऊंचाई भी बढ़ाई जाएगी।
’मंदिर निर्माण के लिए भरतपुर के वंशी पहाड़पुर के विशेष पत्थर प्रयुक्त किए जाएंगे।इन पत्थरों को पिंकी स्टोन या सॉफ्ट स्टोन के नाम से जाना जाता है।
’मंदिर निर्माण में प्रयुक्त होने वालेइन गुलाबी पत्थरों की आयु 1 हजार वर्ष बताई जाती है और इन पर नक्काशी का काम आसानी से होता है।धुलाई करने पर ये पत्थर और भी चमक उठते हैं।
’मंदिर निर्माण दो तलों में पूर्ण होगा।बोतल और प्रथम तल।इसमें 106 खंभे होंगे।
’उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या विकास और मंदिर निर्माण के लिए 350 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
’राम मंदिर निर्माण के लिए 10 करोड़ परिवार दान करेंगे।


                    ’ब्रह्म देव मिश्र।