कोरोना की दवा का दवा: अभी हाल में पतंजलि शोध संस्थान एवं विश्वविद्यालय द्वारा कोरोनावायरस की दवा खोजने का दावा किया गया।जबकि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की मंजूरी के बिना इसकी इजाजत नहीं है।
मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में समाजसेवी तमन्ना हाशमी द्वारा दायर परिवाद पत्र में आरोप लगाया गया कि पतंजलि विश्वविद्यालय एवं शोध संस्थान के संयोजक स्वामी रामदेव तथा पतंजलि संस्था के चेयरमैन आचार्य बालकृष्ण में कोरोना की दवा बनाने का दावा करके देश को धोखा दिया है।भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने दवा के प्रचार प्रसार पर रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई की तारीख
30 जून 2020 निर्धारित किया है।आयुष मंत्रालय का यह भी कहना सच है कि पतंजलि के उपरोक्त संस्थानों द्वारा विस्तृत रिपोर्ट सबसे पहले आयुष मंत्रालय को भेजा जाना चाहिए था।वहां से अनुमति मिलने के बाद ही कोरोनावायरस और प्रसार करना चाहिए था।उन्हें सरकार की नियमों का पालन करना आवश्यक है।वैसे भी नियम तो नियम है और नियम सबके लिए एक है।
कोरोना की दवा का दवा